Wednesday, December 7, 2022
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कोविड-19 के ऐसे उपचार, जो काम नहीं करते

डॉ. नूर ने कोविड-19  के,  कुछ तथाकथित उपचारों  की सूची बनाई है, जो इस बीमारी को रोकता या उपचार नहीं करता है

हम भयभीत समय में जी रहे हैं। बाहर जाने में,  अपने दोस्तों से मिलने में, अपने पड़ोसियों से हाथ मिलाने में डर लगता है। किसने सोचा होगा कि एक सूक्ष्म जीव, हमें किसी भी या सभी चीजों के भय के उलझन में डाल देगा और वो भी, इस तीव्रता से।

हमारा भय, जो हमें अपने घर पर रहते वक़्त    बंद दरवाजे और घुंडी को कीटाणुनाशक से परिपूर्णता के साफ करना है,  वही भय कुछ लोगों को, अपने घर को चलाने और पैसा कमाने में मदद करता है।

राजनेता, इस विषय का संबोधन  करते हुए, यह जानने का दावा करते है कि उनके नागरिकों के लिए सबसे  अच्छा क्या है,  बिना किसी उचित डिग्री और शोध के। व्हाट्सएप फॉरवर्ड की बहुसंख्या और फेसबुक पर कोविड-19 के उपचारों की खोज का दावा करने वाले पोस्टों में, अप्राप्य उछाल  आया है।  न्यूज चैनल, सभी होम्योपैथिक उपचार और आयुर्वेदिक काढ़ा को कवर कर रहे है, जिसको बेचना है। और ये हमारे मान्य डर का लाभ उठा कर पैसा छाप रहे है। परंतु,  जानकारी के साथ आप इस भय से सबसे अच्छे तरीके से लड़  सकते है। आप वह ठीक नहीं कर सकते है, जिसे आप नहीं जानते है। यह जानते हुए कि आप क्या कर रहे है, आप इन घोटालों का शिकार नहीं हो सकते हैं ।

यहां कोविड-19   के लिए कुछ तथाकथित “उपचार है, जो इस बीमारी का प्रतिबंध या उपचार नहीं करते। इससे सतर्क रहें, ध्यान दें और इसका शिकार ना बने।

शराब पीने से, आपका कोविड-19 से बचाव नहीं होता है:

यह भ्रम समझने योग्य है। हीरा, हीरे को काटता है और इसलिए एक अस्पष्ट कटौती की तरह, कोरोना (बीयर), कोरोना (वायरस) का उपचार करने जैसा प्रतीत होता है। परंतु, आपके रविवार के दोपहर अनुष्ठान में जो होता है, वो इस उच्च संक्रामक वायरस का पक्का  उपचार नहीं है। वास्तव में, शराब के हानिकारक उपयोग और अत्याधिक मात्र में इसका उपभोग, आपके  स्वास्थ्य समस्याओं के जोखिम को बढ़ा सकता है, और इस प्रकार आपका शरीर, संक्रमणों के लिए अतिसंवेदनशील हो जाता है।

काली मिर्च, मसाले, लहसुन और मिर्च का सेवन:

एक व्यक्ति के सामान्य स्वास्थ्य के लिए, स्वस्थ आहार बनाए रखना, हाइड्रेटेड रहना, नियमित रूप से व्यायाम करना और अच्छी नींद लेना फायदेमंद है, इस तथ्य के आसपास कोई दो राह नहीं है। अपने भोजन में काली मिर्च, मसाले, लहसुन और मिर्च शामिल करना, इसे स्वादिष्ट बनाता है, लेकिन यह कोविड-19  रोकने या ठीक करने के अतिरिक्त लाभ के साथ नहीं आता है। लहसुन, एक अच्छा भोजन है, जिसमें संभावित रोगाणुरोधी गुण होते हैं, लेकिन यह साबित करने का कोई प्रमाण नहीं है कि लहसुन कोरोना वायरस से लोगों की रक्षा करता है।

अत्यधिक पूरक खतरनाक हो सकता है:

हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करना और इस बात का भय कि यह विषाणु हम पर हमला ना कर दे, अगर हमारी प्रतिरोधक क्षमता मजबूत नहीं है, लोग इस बात की ओर   प्रवृत्त होते है कि उनका एक मात्र विकल्प पूरक है। जो कि नहीं है। आपके सामान्य आहार में, पर्याप्त रूप से आवश्यक विटामिन और खनिज शामिल रहते हैं। और अगर नहीं है, तो घबराए बिना और पूरक वस्तुओं से भरी टोकरी खरीदे बिना, आप इसकी पूर्ति बस उस चीज़ को शामिल करके कर सकते है, जिसकी कमी है। क्योंकि, पूरक अगर उचित निर्देश और खुराक के साथ सही ढंग से नहीं लिया जाता है, तो कुछ गंभीर नतीजे हो सकते हैं।

नियमित रूप से अपनी नाक को सलाइन से धोएं:

नाक को नियमित रूप से सलाइन से धोना, आम सर्दी के साथ, बीमारी की अवधि को कम करने के लिए जाना जाता है, लेकिन यह श्वसन संक्रमण को रोकने के लिए नहीं जाना जाता है।

पानी की सहायता से वायरस को बाहर निकालना:

अत्याधिक मात्रा में पानी पीना, कोरोना  वायरस  को आपके सिस्टम से बाहर नहीं निकालेगा, परंतु यह अति-जलयोजन का कारण होगा (हाँ, ऐसा  भी  होता है) और आपके शरीर में  इलेक्ट्रोलाइट असंतुलित हो जाएगा।

कोविड-19 मच्छरों या मक्खियों द्वारा नहीं फैलती:

कोविड-19 एक वायरल संक्रमण है, जो मुख्य रूप से संक्रमित व्यक्ति के खांसने या छींकने से निकले छोटी-छोटी  बूंदों के माध्यम से फैलता है। या एक संक्रमित सतह को छुने और तब अपनी आंखों, चेहरे, नाक या मुंह को छूने के बाद फैलता है। कोविड-19 मच्छरों या मक्खियों से नहीं फैलता  है। कुछ कीटनाशक का छिड़काव करना अच्छा होता है और  पानी को कहीं भी जमा ना होने दे, जो कि संक्रमण के लिए प्रजनन भूमि है,  ताकि कीटों से छुटकारा पाया जा सके,  लेकिन कोरोना वायरस  इन वैक्टरों से नहीं फैलता है।

मोबाइल नेटवर्क:

बोलने  के माध्यम  से वायरस  का संचार नहीं होता; और मोबाइल नेटवर्क भी वायरस के संचारण में मदद नहीं करता है। वायरस, रेडियो तरंगों या मोबाइल नेटवर्क द्वारा  यात्रा नहीं कर सकता है।

निस्संक्रामक का सेवन

ब्लीच, इथेनॉल, मेथनॉल, क्लोरीन या किसी भी अन्य निस्संक्रामक को अपने शरीर पर छिड़कने, पीने  या इसका सेवन करने से वायरस का समापन  नहीं होगा, ना ही यह वायरस को, आपके शरीर में प्रवेश करने से प्रतिबंधित कर  पाएगा। हालांकि, इसके अलावा, अन्य बहुत गंभीर और कष्टदायी प्रभाव होते है,  जैसे कि जलन और लालिमा और त्वचा और आंखों का नुकसान। निस्संक्रामक और ब्लीच का प्रयोग, सतहों पर काफी सावधानीपूर्वक होना चाहिए और इसे बच्चों की पहुंच से दूर रखनी चाहिए।

– सूर्य कोविड-19 वायरस को नहीं रोक पाता है:

अपने आप को सूरज के संपर्क में लाना, गर्म पानी से नहाना या गर्म और आर्द्र जलवायु वाले क्षेत्रों में रहना, कोविड-19 को नहीं रोकता है। गर्म तापमान वाले देशों ने कोविड-19 मामलों की सूचना दी है। न तो गर्म और ना ही ठंडा मौसम वायरस को मारता है।

इसके, आम तर्क का विवरण साधारण है, परंतु  गलत समझना अवधारणा है: अधिकांश वायरस उच्च तापमान को बर्दाश्त नहीं कर सकता है और बहुत ही उच्च तापमान के साथ प्रतिकूल परिस्थितियों में मर जाता है। हमारे शरीर का आंतरिक तापमान 37-37.5°C के बीच रहता है, लेकिन इसकी  परवाह किए बिना की बाहरी तापमान कितना है, इस प्रकार और इसलिए उच्च तापमान, प्रतिकृति को रोककर या वायरस को मारकर, रोग को रोकना या ठीक नहीं करता है।

–  एंटीबायोटिक्स:

जैसा कि नाम से पता चलता है कि कोविड-19 एक विषाक्त संक्रमण है और एंटीबायोटिक्स, जीवाणु के विरुद्ध काम करता है। तो एंटीबायोटिक्स, कोविड-19 के इलाज का तरीका नहीं हैं। हालांकि, यदि आप कोविड-19 का इलाज करवा रहे है और एंटीबायोटिक्स निर्धारित है, तो यह किसी भी सह-जीवाणु संक्रमण से लड़ने के लिए है।

हाइड्रोक्लोरोक्वीन:

वर्तमान में, किसी भी दवा को कोविद -19 के उपचार या रोकथाम के लिए स्वीकृति नहीं दी गई है। हालांकि, कई  दवाइयों पर शोध चल रहा है। ऐसा कोई प्रमाण नहीं है कि हाइड्रोक्लोरोक्विन या कोई अन्य दवा कोविड-19 को ठीक कर या रोक सकती है।

डेक्सामेथासोन:

 डब्ल्यू.एच.(वर्ल्ड हेल्थ  ऑर्गेनाइजेशन) का कहना है कि कॉर्टिको-स्टेरॉइड,  कोविड-19 मरीजों, जिन्हें ऑक्सीजन समर्थन की आवश्यकता है, के मृत्यु दर को कम करने में प्रभावी साबित हुआ है। डेक्सामेथासोन का प्रयोग उन मरीजों पर नहीं करना चाहिए,  जो इस बीमारी से कम प्रभावित है या जिन्हें ऑक्सीजन समर्थन की आवश्यकता नहीं है।

होमियोपैथी:

होमियोपैथी, वैकल्पिक चिकित्सा की एक लोकप्रिय शाखा है,  लेकिन वैश्विक विशेषज्ञ इसकी प्रभावकारिता को खारिज करते हैं। “कोरोनिल” एक अन्य उत्पाद है, जिसे कोविड-19 के उपचार और रोकथाम के लिए, आयुर्वेदिक चिकित्सा के लेबल के तहत बाजार में लॉन्च किया गया है, लेकिन इसे आयुष मंत्रालय या भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR ) द्वारा अनुमोदित नहीं किया गया है।

ये सभी वैकल्पिक दवाएं, अवसर का अधिकतम लाभ उठाने के लिए रोग के प्राकृतिक इतिहास का लाभ उठा रही हैं।

कोविड-19 से संक्रमित मरीजों की मृत्यु दर 4% से कम है, जिसका अर्थ है कि 96% संक्रमित मरीज़ उचित उपशामक देखभाल के साथ ठीक हो जाएंगे, जबतक कि एक निश्चित उपचार सामने नहीं आता है।

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